Onion Price Today 13 September 2026: आज प्याज का भाव ₹60-₹70 किलो तक, जानें मंडी रेट

 Onion Price : प्याज के दाम में उछाल, जानिए आज आपके शहर में क्या है रेट

                            (1kg -60₹)

भारतीय रसोई में प्याज ऐसी सब्जी है जिसका इस्तेमाल लगभग हर घर में रोजाना होता है। लेकिन सितंबर 2026 में प्याज की कीमतों में तेजी ने आम उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। कई शहरों में खुदरा बाजार में प्याज पहले की तुलना में काफी महंगा बिक रहा है, जबकि थोक मंडियों में भी कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है।

प्याज की कीमत किसी एक शहर में समान नहीं होती। इसकी कीमत मंडी की आवक, गुणवत्ता, मौसम, स्टॉक और स्थानीय मांग के आधार पर लगातार बदलती रहती है। आइए जानते हैं आज प्याज का भाव कितना है, कीमत बढ़ने की वजह क्या है और सरकार महंगे प्याज से राहत देने के लिए क्या कदम उठा रही है।

आज प्याज का भाव कितना है?

13 सितंबर 2026 के आसपास कई बाजारों में प्याज की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है। सामान्य खुदरा बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाला प्याज करीब ₹60 से ₹70 प्रति किलो के आसपास बिकने की खबरें सामने आई हैं।

वहीं, अलग-अलग कृषि मंडियों में प्याज के थोक भाव गुणवत्ता और आवक के अनुसार अलग-अलग हैं। उपलब्ध बाजार रिपोर्टों में सितंबर 2026 के दौरान कई मंडियों में प्याज का भाव लगभग ₹4,200 से ₹5,200 प्रति क्विंटल या उससे ऊपर के स्तर पर दिखाई दे रहा है।

प्रमुख राज्यों में प्याज के औसत मंडी भाव

राज्यऔसत थोक भाव
तमिलनाडु₹5,981/क्विंटल
पश्चिम बंगाल₹5,900/क्विंटल
केरल₹5,625/क्विंटल
ओडिशा₹4,900/क्विंटल
हरियाणा₹4,750/क्विंटल
महाराष्ट्र₹4,106/क्विंटल

नोट: मंडी भाव रोजाना बदल सकते हैं। ऊपर दिए गए आंकड़े उपलब्ध बाजार रिपोर्ट के आधार पर हैं और इन्हें आपके शहर के खुदरा भाव का निश्चित रेट नहीं माना जाना चाहिए।

प्याज अचानक महंगा क्यों हो रहा है?

प्याज की कीमत बढ़ने के पीछे कई वजहें एक साथ काम कर सकती हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण कारण आपूर्ति और मांग का संतुलन बिगड़ना है।

1. मंडियों में आवक कम होना

प्याज की कीमत पर मंडियों में आने वाली फसल का सीधा असर पड़ता है। यदि किसी अवधि में आवक कम होती है तो उपलब्ध प्याज की मात्रा घट जाती है और बाजार में कीमत बढ़ सकती है।

2. खराब मौसम का असर

भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम कई बार प्याज की फसल तथा उसकी गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। महाराष्ट्र और गुजरात जैसे प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में मौसम की स्थिति का असर देश के दूसरे बाजारों पर भी पड़ सकता है।

3. पुराने स्टॉक में कमी

पिछले सीजन से रखा गया प्याज धीरे-धीरे बाजार में आता है। जब पुराना स्टॉक कम होने लगता है और नई फसल की पर्याप्त आवक शुरू नहीं हुई होती, तब बाजार में कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

4. मांग और सप्लाई का अंतर

त्योहारी सीजन या अधिक खपत के दौरान प्याज की मांग बढ़ने पर भी कीमतों में तेजी आ सकती है। यदि उसी समय बाजार में पर्याप्त सप्लाई उपलब्ध नहीं हो तो खुदरा कीमत और बढ़ सकती है।

सरकार सस्ता प्याज क्यों बेच रही है?

बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार बफर स्टॉक का इस्तेमाल करके बाजार में प्याज की सप्लाई बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को ऊंचे बाजार भाव से कुछ राहत देना और कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखना है।

कुछ स्थानों पर सरकारी एजेंसियों के माध्यम से प्याज करीब ₹35 प्रति किलो की दर पर उपलब्ध कराया गया है। NAFED, NCCF और अन्य बिक्री माध्यमों के जरिए उपभोक्ताओं तक प्याज पहुंचाने की पहल की गई है।

हालांकि, ₹35 किलो वाला प्याज हर शहर और हर दुकान पर उपलब्ध हो, यह जरूरी नहीं है। इसकी उपलब्धता स्थानीय वितरण व्यवस्था और सरकारी बिक्री केंद्रों पर निर्भर करती है।

क्या है 'कांदा एक्सप्रेस'?

प्याज की सप्लाई को तेज करने के लिए रेलवे के माध्यम से 'कांदा एक्सप्रेस' जैसी विशेष परिवहन व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य उत्पादन वाले क्षेत्रों से अधिक खपत वाले शहरों तक प्याज को तेजी से पहुंचाना है।

दिल्ली-NCR, चेन्नई और गुवाहाटी जैसे बड़े बाजारों तक प्याज की आपूर्ति बढ़ाने की कोशिशों का मकसद बाजार में उपलब्धता सुधारना और कीमतों में अत्यधिक तेजी को रोकना है।

क्या आने वाले दिनों में प्याज सस्ता होगा?

प्याज की कीमत आने वाले दिनों में किस दिशा में जाएगी, यह मुख्य रूप से नई फसल की आवक, मौसम और बाजार में उपलब्ध स्टॉक पर निर्भर करेगा।

अगर मंडियों में प्याज की आवक बढ़ती है और सप्लाई सामान्य होती है तो कीमतों पर दबाव कम हो सकता है। वहीं, यदि आवक कमजोर रहती है या मौसम संबंधी समस्या जारी रहती है तो कीमतों में तेजी बनी रह सकती है।

इसलिए उपभोक्ताओं को अपने स्थानीय बाजार का भाव देखकर ही खरीदारी करनी चाहिए।

किसानों के लिए बढ़ा भाव क्या मायने रखता है?

प्याज के बढ़ते दामों का असर सिर्फ उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ता। बाजार भाव बढ़ने पर किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना भी रहती है।

हालांकि, किसान को मिलने वाला वास्तविक भाव गुणवत्ता, मंडी, परिवहन खर्च, बिचौलियों और स्थानीय मांग सहित कई परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इसलिए खुदरा कीमत और किसान को मिलने वाले भाव में अंतर हो सकता है।

अपने शहर में प्याज का सही रेट कैसे पता करें?

प्याज का भाव शहर-दर-शहर अलग हो सकता है। सही कीमत जानने के लिए आप:

  • नजदीकी APMC मंडी का दैनिक भाव देख सकते हैं।

  • स्थानीय सब्जी मंडी में अलग-अलग दुकानों के रेट की तुलना कर सकते हैं।

  • सरकारी बिक्री केंद्रों की उपलब्धता की जानकारी ले सकते हैं।

  • प्याज खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और आकार के अनुसार कीमत की तुलना कर सकते हैं।

निष्कर्ष

सितंबर 2026 में प्याज की कीमतों में आई तेजी ने आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर असर डाला है। कम आवक, मौसम की स्थिति, पुराने स्टॉक में कमी और मांग-सप्लाई का अंतर कीमतों में बदलाव के प्रमुख कारणों में शामिल हो सकते हैं।

सरकार की ओर से बफर स्टॉक के प्याज की बिक्री और विशेष परिवहन व्यवस्था के जरिए सप्लाई बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। आने वाले दिनों में नई फसल की आवक बढ़ने पर बाजार में कुछ राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है।

हालांकि, प्याज का भाव रोज बदल सकता है, इसलिए खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार या नजदीकी मंडी का ताजा रेट जरूर जांचें।

Disclaimer

इस लेख में दिए गए प्याज के भाव उपलब्ध बाजार रिपोर्ट और समाचार जानकारी पर आधारित हैं। वास्तविक कीमत शहर, मंडी, गुणवत्ता, आवक और समय के अनुसार अलग हो सकती है। खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार या APMC मंडी से ताजा भाव की पुष्टि करें।

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